आपराधिक मानव वध क्या है? इसमें और हत्या में अंतर (BNS के अनुसार) व सजा के प्रावधान
जब किसी इंसान के हाथों दूसरे इंसान की जान जाती है, तो कानूनी दुनिया में उसे केवल "मर्डर" या "हत्या" नहीं कह दिया जाता। भारतीय आपराधिक कानून में इसे समझने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण और अक्सर भ्रमित करने वाले शब्दों का उपयोग किया जाता है— आपराधिक मानव वध (Culpable Homicide) और हत्या (Murder) । सदियों से चली आ रही भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह अब देश में नया कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू हो चुका है [100.1, 101.1]। ऐसे में यह समझना और भी जरूरी हो गया है कि नए कानून के दायरे में अपराध के चार तत्व क्या हैं और कोई कृत्य कब आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आता है और कब वह हत्या का गंभीर रूप ले लेता है। कानूनी समझ को आसान भाषा में कहें तो, "सभी हत्याएं आपराधिक मानव वध होती हैं, लेकिन सभी आपराधिक मानव वध हत्या नहीं होते।" इस लेख में हम बेहद सरल शब्दों में समझेंगे कि आपराधिक मानव वध की परिभाषा क्या है, इसमें सजा का क्या प्रावधान है, और माननीय सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों के अनुसार इन दोनों के बीच की वो बारीक कानूनी रेखा कौन सी है जो एक आरोपी को फांसी के...