Firozabad Shikohabad Arav Murder Case: मासूम आरव के कातिल को 41 दिन में मिली फांसी की सजा, जानें कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
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फिरोजाबाद शिकोहाबाद आरव हत्याकांड:
क्या था शिकोहाबाद का आरव हत्याकांड? (The Complete Case):
यह पूरी घटना 30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में घटित हुई थी। मुख्य आरोपी विराज (निवासी बदायूं) अपनी रिश्ते की भाभी (रति शर्मा) पर एकतरफा प्यार में शादी करने का दबाव बना रहा था। जब महिला ने उसके इस अनुचित प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो विराज ने प्रतिशोध लेने की ठानी।उसने महिला के डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को अपने रास्ते का कांटा समझा। 30 मई को वह बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले गया और एक सुनसान सड़क पर ले जाकर मासूम को कंक्रीट पर पटक-पटक कर मार डाला। यह पूरी बर्बरता पास के एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था।
कोर्ट रूम में सजा सुनते ही खुद को मारने लगा थप्पड़:
रोने-बिलखने लगा कातिल:
फांसी की सजा सुनते ही आरोपी विराज पूरी तरह टूट गया। वह अदालत के भीतर ही जोर-जोर से रोने लगा।खुद को मारे थप्पड़: पछतावे या डर के मारे वह खुद के चेहरे पर ताबड़तोड़ थप्पड़ मारने लगा। उसकी इस हरकत को देख वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत घेरे में लिया और सुरक्षित वाहन में बैठाकर जिला जेल रवाना किया।
मीडिया के सामने जुर्म कबूला:
जेल जाते समय उसने मीडिया के कैमरों के सामने रोते हुए कहा, "मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, मुझे मेरे किए की सजा मिल गई है।"
मात्र 41 दिनों में कैसे मिला न्याय? पुलिस और अभियोजन की बड़ी जीत:
1. 6 दिनों में चार्जशीट:
2. 27 सेकेंड का वैज्ञानिक साक्ष्य:
3. मानसिक बीमारी का बहाना खारिज:
बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इसे खारिज कर दिया, क्योंकि वह योजनाबद्ध तरीके से बच्चे को बहलाकर ले गया था।
गिरफ्तारी के वक्त हुआ था पुलिस एनकाउंटर:
जेल में कड़ा पहरा: क्यों नहीं किया जा रहा दूसरी जेल में शिफ्ट?
फांसी की सजा मिलने के बाद विराज को फिरोजाबाद जिला जेल की तन्हाई बैरक में 24 घंटे सीसीटीवी और कड़े सुरक्षा गार्ड्स की निगरानी में रखा गया है। वह रातभर खौफ के मारे सो नहीं सका।
- BNS धारा 109: पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का मामला (Encounter Case)।
- आर्म्स एक्ट (Arms Act): अवैध हथियार बरामदगी का मामला।
इन मामलों की सुनवाई भी फिरोजाबाद कोर्ट में होनी है, इसलिए उसे अभी इसी जेल में रखा जाएगा।

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